विश्व पशु कल्याण दिवस पर
विश्व पशु कल्याण दिवस पर :
आज विश्व पशु कल्याण दिवस है, यह विशेष दिन हर साल 4 अक्टूबर को मनाया जाता है जो कि ईसाई मान्यताओं के अनुसार पशुओं के संरक्षक संत फ्रांसिस ऑफ असीसी का यादगार दिवस है। इस दिन को खास तौर पर मनाने का मकसद मनुष्यों के मन में पशुओं के प्रति प्रेम जगाना और ऐसे कदमों को सशक्त और एकजुट करना है जिनसे यह धरती हर प्राणी के लिये एक बेहतर जगह बन पाए।
हर धर्म और मान्यता में पशुओं को इंसानी जीवन का महत्वपूर्ण अंग माना गया है। पंचतंत्र की कहानियों में पशुओं के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सिखाए गए हैं, वहीं यूनानी इतिहास में ऐसोप जो कि एक गुलाम और दास्तानगो थे की दंतकथाओं में भी पशुओं के माध्यम से जीवन जीने के गुर सिखाए गए हैं, चाहे बाइबल से भी पहले लिखा गया ईसाई धर्मग्रंथ पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) हो या कुरान शरीफ हर धर्म और सभ्यता में पशु पक्षियों की कथाओं का उल्लेख मिलता है। क्या आज फिर से इन्हें पढ़ने और याद करने की ज़रूरत है ?
आज के दिन यह दोहराना ज़रूरी है कि मनुष्य के साथ- साथ पशु-पक्षी भी प्रकृति का अभिन्न अंग हैं और इस से प्रकृति का संतुलन बना हुआ है, किसी भी एक अंग के निष्क्रिय या कमज़ोर होने पर इस संतुलन का विध्वंस होना तय है। आज जब मनुष्य एक दूसरे का भक्षण कर रहे हैं, तब पशु कल्याण की बात रखना गौण लगता है, परन्तु यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि आज उठाए गए कदम ही आने वाले भविष्य की नींव हैं। आज बहुत ज़रूरी है की हर इंसान अपनी आने वाली पीढ़ी के सामने सही मिसाल कायम करे:
- अपने आसपास पेड़-पौधे लगाएं और बच्चों को भी बागवानी में शामिल करें ।
- दिन भर में कम से कम एक बार आसमान में स्वच्छंद उड़ते परिंदों को देखें ।
- अपने आंगन में चिड़ियाओं के लिए दाना-पानी रखें
- अपने आस पास के इलाके में रहने वाले पशुओं, कुते, बिल्लियों, गायों आदि से सहानभूति रखें । उन्हें प्यार और पोषण दें।
- चाहे बिजली हो, पानी हो या अन्न : सभी संसाधनों का ज़िम्मेदारी से प्रयोग करें, जितनी ज़रूरत हो उतना ही लें।
- आखिर में अपने हृदय में अपने साथी मनुष्यों और अन्य जीवों के प्रति आदर और प्रेम का व्यवहार रखें।
एक बात याद रखिये, जहां नमी होती है वहीं जीवन का संचार होता है। आपके हृदय से उत्पन्न दया और प्रेम आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर इंसान बना सकता है, एक ऐसा इंसान जिसका हृदय पाषाण न होगा, जो दूसरों के अधिकारों का हनन करने में हिचकिचाएगा, जिसका ज़मीर उसे बेहतर इंसान बनाए रखेगा जो कि बहुत ज़रूरी है पशु और मनुष्य कल्याण के लिए।
संकल्प







वाह। बहुत सुंदर और प्रासंगिक। इस खास दिन की आप जैसे तमाम पशु पक्षी और पर्यावरण जागरूक व प्रेमियों को बधाई और शुभकामनाएं।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर लेख ।सहज सरल कोशिशें ही बड़े बदलावों की नींव रहती है। इसी तरह जागरूकता फैलाते रहे । बहुत बधाई आपको 💐
जवाब देंहटाएं